शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2012

हमारी दमन यात्रा लेकिन दीव यहाँ से दूर है

शब्‍द अविरल और अभिनव अभिभावक - किशोर कुमार, कौशांबी, अमित और निधि

एकदिन बस हम यूँ ही घर में बैठे हुए थे बस ख्‍याल आया कि क्‍यों न ऐसी जगह की सैर की जाए जहॉं के बारे में मैंने सिर्फ 9वीं और 10वीं क्‍लास में भूगोल की किताब में पढा था। दमन दीव यानी कि हमारे देश का केंद्र शासित प्रदेश। इस प्रदेश की आबादी उत्‍तर प्रदेश के छोटे से शहर फैजाबाद से भी कम होगी। मैं और मेरी पत्‍नी ने फैसला किया कि इस जगह हम अकेले नहीं जाऍंगे ब‍ल्कि पूरे परिवार के साथ जाऍंगे। बस क्‍या था हमने अयोध्‍या फोन किया और अपने चाचा-चाची और उनके दो बच्‍चों को मुंबई आने का आमंत्रण दिया।

एक महीने बाद एक ऐसी सुबह आई जब हमारी यात्रा का आरंभ टाटा आरिया में हुआ। यह गाडी मैं स्‍वयं ड्राइव कर रहा था। मेरे घर से यानी कि कांदीवली से दमन की दूरी लगभग 180 किलोमीटर थी। अमदाबाद हाइवे से होते हुए हमें वापी नाम की जगह से बाएं टर्न लेकर इस जगह पहुँचना था। वापी से दमन की दूरी सिर्फ 10 किलोमीटर है।

अब सवाल उठता है कि दमन में देखने लायक क्‍या है। आपको बता दें कि इस प्रदेश में हमने प्रवेश गलत रास्‍ते से किया इस वजह से टूटे-फूटे रास्‍तों ने हमें चौंका दिया और ऐसा प्रतीत हुआ कि बस हमारा वीकेंड चौपट हो गया। यहॉं पर मेरे मामा के बेटे रहते हैं तो हम सबने सबसे पहले उनके घर जाने का फैसला। इसके बाद हम सब साथ में दमन की यात्रा पर निकले।

सबसे पहले आपको बता दूँ कि दमन और दीव एक ही जगह जैसे सुनने में लगते हैं लेकिन दमन और दीव में समंदर बाधा डाले हुए इसलिए आप जब दमन जाऍंगे तो दमन के ही होकर रह जाएँगे। अब मुझसे मत पूछिएगा कि आखिर दीव कैसे जाते हैं। क्‍योंकि जब यह सवाल मैंने एक लोग से पूछा तो उन्‍होंने बताया कि अगर आप इस गाडी से वहॉं जाना चाहते हो फिर अहमदाबाद से यहॉं एक रास्‍ता जाता है इसका मतलब अगर मैं दमन से दीव जाना चाहता तो फिर एक हजार किलोमीटर गाडी चलानी पडती। इसलिए मैंने अपने पूरे परिवार को सिर्फ दमन में ही दीव की छवि निहारने के लिए कहा।

अब बात दमन की जो जगहें हमने यहॉं घूमी। यशोदा बीच यहॉं का सबसे खूबसूरत बीच है। दमन शहर से यहॉं की दूरी लगभग 8 किलोमीटर है। यहॉं पर हमने दो किले और दो बडे बीच देखे। इन बीचों की खूबसूरती ने सबका मन मोह लिया। मुंबई से यात्रा के दौरान पडने वाले द्रष्‍यों ने सबका मन मोह लिया।

लेकिन अविरल और अभिनव की गाडी में हालत खराब थी और वे दोनों एक्‍जॉस्‍ट हो रहे थे। किसी तरह से हम मुंबई लौटे और फिर आगे की यात्रा का प्रबंध किया जो कि मुंबई की थी। इस यात्रा को हम आपके सामने तस्‍वीरों के जरिए पेश कर रहे हैं।




यह है दमन की देविका बीच। आपको भी कभी मौका मिले तो जरूर आना बहुत मजा आता है यहॉं नहाने में और घोडा गाडी की सवारी करने में।



मेरे मॉं और बाबू जी और हम दोनों टाटा की आरिया के साथ। यही थी हमारी इस यात्रा की साथी जिसमें हम सवार होकर यहॉं तक गए।

नोट- मुंबई की तस्‍वीरें हम अगले पोस्‍ट में डालेंगे। तब तक करिए इंतजार।

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