
माइकल जैक्सन की लीक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि महान पॉप गायक पिछले कुछ समय से कुछ नहीं खा रहे थे और हड्डियों का ढांचा मात्र रह गए थे और जिस समय उनकी मौत हुई, उनके पेट में केवल गोलियां थीं। दी सन द्वारा प्रकाशित पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, जैक्सन गंजा हो चुका था, उसके शरीर पर खरोंच के निशान थे और उसकी पसलियां टूटी हुई थीं। जैक्सन के कूल्हों, जांघों और कंधों पर सुइयों के घाव थे, जिनके बारे में कहा गया है कि ये उन मादक दर्दनिवारक इंजेक्शनों का परिणाम रहे होंगे जो सालों से उन्हें दिन में तीन बार लगाए जाते थे। अभी भी दुनिया के कोने में मौजूद माइकल के प्रशंसक उन्हें महान बनाने में जुटे हुए हैं। पर सच्चाई में माइकल महान नहीं हैं क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो महानता की परिभाषा बदल जाएगी। विवादों से गहरा नाता रखने वाला माइकल कभी भी किसी का नहीं हुआ उसने जो कुछ किया वह अपने स्वार्थ के लिए। अपनी अय़याशियों के लिए पैसे पानी की तरह बहाए। आज जब माइकल मरा तो वह कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। मैं नहीं मानता माइकल के जाने से संगीत जगत को कोई क्षति हुई है। पर इस घटना से मुझे एक बात समझ में आ गई है कि आदमी जितना बडा होता जाता है अंधविश्वास उसकी सबसे बडी दोस्त बनती जाती है जो बाद में बर्बादी का कारण बनती है। ईश्वर है बस यही सच है कोई भी इस जगत में ऐसा नहीं है जो तंत्र मंत्र के सहारे आपका कुछ बिगाड सकता है। अगर तुम अपने अंदर के ईश्वर को नहीं पहचानोगे तो जिंदगी इस बिखर जाएगी कि उसे समेटना मुश्किल हो जाएगा। सबसे बडा सत्य यही है कि संगीत का बेताज बादशाह भूखों मर गया। मरने के बाद उसने दुनिया में कमाया तो वह बदनामी और बडा सा कर्ज। अगर पुराणों की बातों पर भरोसा किया जाए तो जैक्सन को गधा बनकर यह कर्ज उतारना ही पडेगा। यह संसार है जो यहां आया है वह जाएगा।
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