शनिवार, 29 अगस्त 2009

पारंपरिक योग से हास्‍य योग तक बाबा का सफर


आज घर पहुंचा तो टीवी पर मां रजत शर्मा का आपकी अदालत देख रही थीं। कार्यक्रम में बाबा रामदेव संभावना सेठ और कश्‍मीरा के साथ योग को साबित करने में जुटे हुए थे। चरित्र के पवित्रता पर वे लगातार बोले जा रहे थे। वहीं संभावना और कश्‍मीरा अपनी बातों से बाबा के धर्म को डिगाने की कोशिश कर रही थीं। बाबा की हरकतों को देखकर ऐसा लगा जैसे अब बाबा रामदेव धर्म समाज के लालू यादव बनते जा रहे हैं। अब उनको देखकर सिर्फ हंसी आती है। एक बात समझ में नहीं आती बाबा रामदेव को ऐसे कार्यक्रमों में आने में इतना मजा क्‍यों आता है? मैंने इतने पुराण और शास्‍त्रों के बारे में पढा है पर किसी भी योगी को लडकियों में इतनी दिलचस्‍पी लेते नहीं देखा। आजकल बाबा जी मीडिया में छाए हुए हैं क्‍योंकि वे लडकियों की बातें करते हैं हीरोइनों को सभ्‍यता सिखा रहे हैं। पर बाबा में तो एक बात है अकेले अपने दम पर बाबा ने बॉलीवुड की दो बडबोली अभिनेत्रियों का मुंह बंद कर दिया। पर कुल मिलाकर बाबा जी ऐसा लग रहा है कि लालू यादव की जगह पूरी करने के लिए हास्‍य योग का सहारा ले रहे हैं। कांग्रेस ने तो लालू ने किनारा कर ही लिया क्‍योंकि जनता ने उन्‍हें समर्थन नहीं दिया। इसलिए इस खाली जगह को भरने के लिए बाबा रामदेव ने बीडा उठाया और ऐसा लगता है बाबा जी ने आसानी से हठ योग से हास्‍य योग तक का सफर तय कर लिया है। पर कुछ भी हो बाबा की बातों में लोगों को मल्लिका शेरावत के कम कपडों मे लगाए गए ठुमके से अधिक आनंद आता है। क्‍योंकि बाबा जी पूरे कपडे पहनकर जो बातें करते हैं उसमें से झलकने वाली अश्‍लीलता का रस मीडिया को भी अच्‍छा लगता है जनता को भी। अब अगर बाबा बाबा हैं तो उन्‍हें संभावना और कश्‍मीरा से बहस करने की क्‍या जरूरत है। बाबा जी मैं तो आपसे कहता हूं कि अब लोगों को योगा सिखाने के बजाय सेक्‍स शिक्षा पर ध्‍यान देना शुरू कर दीजिए क्‍योंकि भारत सरकार इस पर करोडों रुपये खर्च कर देती है।

1 टिप्पणी:

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

बाबा जी तो, अच्छे-अच्छों की बोलती बंद करा देते है,